परिश्रम पर प्रेरणादायक कविता
लाख पथ में काँटे हो।
अधिकांश लोग जिंदगी में वो मुकाम हासिल नहीं कर पाते हैं ,जिसके वो हक़दार होते हैं। ऐसा इसलिए होता है ,या तो वो मेहनत करने से घबराते हैं ,या अनुकून परिस्थिति ना होने के कारण वो अपने सपने पूरे नहीं कर पाते हैं। कुछ तो ऐसे होते हैं जो हाथ में हाथ धरे यह सोचते हैं की अब किस्मत के फरिशते आएंगे और मुझे वह सफलता की उड़ान भरने को पंख देंगे , यह तो बस कोरी कल्पना मात्र है। ऐसा कुछ नहीं होने वाला, किस्मत उनका ही साथ देती है जो परिश्रम करके खुद को उस शिखर के काबिल बनाते है जिसमे वो चढ़ना चाहते हैं। शर्त ये है की परिश्रम उपयोगी जगह किया गया हो।
चलिए अब कुछ पंक्तियाँ पढ़ते हैं , जो आपके अंदर जोश भर देगी जिससे आप अपने कार्य को दुगने परिश्रम से करेंगे।
प्रेरणादायक कविता
लाख पथ में काँटे हो ,
पर तुझे डरना नहीं है।
दे चुनौती अपने हुनर को,
तुझे सोने सा तपकर निखरना है।
यूँ ही नहीं मिलता मोती समंदर में ,
गहराइयों में गोता लगाना पड़ता है।
बंद कमरे में उड़ान कैसी ,
तुझे आजाद आसमाँ में उड़कर दिखाना है।
उम्मीदों की तख्त में चढ़ तुझे,
मजबूरियों को फाँसी लगानी है।
सपने है जब तेरे आसमाँ छूने के ,
तो तानो का पिंजरा तोड़ तुझे उड़कर दिखाना है।
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अपना कीमती वक़्त देकर इस पोस्ट को पढ़ने के धन्यवाद,आपको यह पोस्ट कैसी लगी जरूर बताईयेगा।

Very very good
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteBhut sundar
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